ई-बुक क्या है। ई-बुक को कैसे लिखा और पढ़ा जाता है। What is ebook in hindi.

ई- पुस्तक का परिचय

लिखना पढ़ना तो हज़ारो लाखो साल पहले भी था। आपने धर्म ग्रंथो में पढ़ा और सुना भी होगा। पहले बेल पत्र पर ताम्र पत्र पर और पेड़ो की छाल पर लिखा और उसे पढ़ा जाता था। जैसे नई नई चीज़ों का अविष्कार होने लगा पढ़ने और लिखने का फॉरमेट भी चेंज होनें लगा।

फिर कपड़े पर और आगे चल कर कागज़-किताबों पर होने लगा। आज किताबे तो है पर जिस स्पीड से इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों का इस्तेमाल हो रहा है।  वो दिन दूर नही जब स्कूल कॉलेजों में भी स्टूडेंट किताबों की जगह लैपटॉप/ई-बुक या नोटपैड ले के जाने लगे। और टीचर भी ई-बुक से देख कर ही पढ़ायेंगे।

दोस्तो आज हम बात कर रहे है ई-बुक की। ई-बुक बड़ी तेजी से दुनिया भर में पॉपुलर हो रही है। आने वाले कुछ सालों में पुस्तकालयों और शिक्षा के क्षेत्र में हावी होने वाली है। ई-बुक के जहा सेकड़ो फायदे है तो कुछ नुकसान भी है।

पहले ये समझते है,  ई-बुक क्या है? लिखते कैसे है? पढ़ते कैसे है? दिखता कैसा है? बनता कैसा है? और रखते कैसे है? आइये इसको अच्छे से समझते है।

1. ई-बुक का इतिहास

ई-बुक की कल्पना तो पिछली सताब्दी से ही देखी जा चुकी थी। ऐसी कल्पना जो लायब्रेरी को पाठको के जेब मे लाने की थी। सन 1971 में ई-बुक की पहली परियोजना gutenberg द्वारा रखी गई थी। इसके कुछ सालों बाद 1978 में Hitchhiker’s Guide ने इसको वास्तविक रूप देने का काम किया। और Galaxy ई-बुक लांच की। पर ज्यादा कुछ सफ़लता नही मिली।

डिजिटल रूप में लाने के लिए साल 1998 तक का इंतजार करना पड़ा। यहा पहला ई-रीडर उपकरण बना जो Rocket ebook और Softbook है।

ई-बुक की दुनिया मे क्रांति तो तब आई जब साल 2007 में amazon ने kindle बाजार में लाया। जहा ई-बुक लिखा,पढ़ा और बेचा जाता था। 2010 तक इस बिज़नेस में प्रतिस्पर्धा बढ़ गई और ई-बुक कंपनियों ने रेट कम कर दिये। तब kindle,kobo और nook कंपनी मार्केट में आ चुके थे। और इसको पढ़ने और पसंद करने वाले लोगो की संख्या आसमान छू रही थी।

आज ढेरो ई-बुक कंपनिया है और दिन ब दिन राइटर्स व रीडर्स की संख्या बढ़ रही है। अमेरिका और इंग्लैंड में सबसे ज्यादा ई-बुक पढ़ने वाले लोग है। ई-बुक की मांग चीन,जापान और जर्मनी में तेजी से बढ़ रही है।

2. ई-बुक क्या है

ई-बुक को e-book, ebook या ई-पुस्तक के नाम से जानते है। इसका अर्थ है डिजिटल(इलेक्ट्रॉनिक) पुस्तक। ई-बुक्स कागज की नही बल्कि डिजिटल फ़ाइल के रूप में होती हैं जिन्हें इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों जैसे कम्प्यूटर, मोबाइल एवं अन्य डिजिटल उपकरणों पर पढ़ा जा सकता है। हा इन्हें इण्टरनेट पर ही लिखा और पढ़ा जा सकता है।

ई बुक कई फाइल फॉर्मेट में होती हैं जिनमें पी॰डी॰ऍफ॰/PDF (पोर्टेबल डॉक्यूमेण्ट फॉर्मेट), ऍक्सपीऍस आदि शामिल हैं, इनमें पी॰डी॰ऍफ॰ सर्वाधिक प्रचलित फॉर्मेट है। जल्द ही पारंपरिक किताबों और पुस्तकालयों के स्थान पर सुप्रसिद्ध उपन्यासों और पुस्तकों के नए रूप जैसे ऑडियो पुस्तकें, मोबाइल टेलीफोन पुस्तकें, ई-पुस्तकें आदि उपलब्ध होंगी।

3. ई-बुक कैसे लिखते है

दोस्तो ई-बुक को बुक जैसे ही लिखते है। जैसे बुक लिखते है वैसे ही ई-बुक भी लिखते है। लिखने का तरीका एक हो सकता है पर जो उसे बुक से ई-बुक बनाती है वो है उसका फॉरमेट और नेट पर पब्लिसिंग करना। ई-बुक बनाने के 2 तरीके होते है।

a) कम्प्यूटर पर टाइप की गई सामग्री को विभिन्न सॉफ्टवेयरों के द्वारा ई-बुक के रूप में बदला जा सकता है।

यहा आपको पेज टू पेज लिखना होता है जब पूरी बुक लिख कर हो जाती है उसके बाद फॉरमेट चेंज कर के उसे ई-बुक बनाया जाता है।

b) छपी हुई सामग्री को स्कैनर के द्वारा डिजिटल रूप में परिवर्तित करके उसे ई-बुक का रूप दिया जा सकता है।

यहा आप के पास पहले से कोई छपी हुई बुक है तो उसे आप सॉफ्टवेर की मदत से सकैंनिंग करके उसका फॉरमेट चेंज करके ई-बुक बनाया जा सकता है।

मैं यहां जिस फॉरमेट की बार बार बात करता हु वो फॉरमेट है पीडीएफ फॉरमेट। जो ई-बुक को बनाने में सबसे प्रचलित फॉरमेट है।

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4. ई-बुक कहा से पढ़े और कैसे पढ़े।

ईबुक पढ़ने के लिए आप उस पर्टिकुलर साइट पर जा कर ईबुक को डाउनलोड कर ले और जब चाहे जैसे चाहे किसी भी टाइम आप पढ़ सकते हो। आप सोच लिए होंगे की आपको कोनसी और किस भाषा मे किताब पढ़नी है।

या फिर किस केटेगरी की जैसे मोटिवेशनल, साइन्स, कम्प्यूटर, साहित्य, इतिहास आदि सेलेक्ट करके भी पढ़ सकते हो। हिंदी-इंग्लिश।ईबुक डाउनलोड साइट फ्री या पेड सर्विस में होती है जिसमे हज़ारो की संख्या में किताबे होती है।

मैं यहा कुछ पॉपुलर 7 फ्री हिंदी साइट के नाम दे रहा हु जहा से आप अपने मन पसंद किताबे पढ़ सकते है।

ये ईबुक डाउनलोड करने के लिए बेस्ट साइट है। यहा इस साइट में आपको हर केटेगरी की किताबें मिल जाएगी।

इंग्लिश राइटर्स की किताबें पसंद करते है और उनको हिंदी में पढ़ना चाहते है तो आपके लिए बेस्ट साइट है। यहा किसी भी ईबुक को ट्रांसलेट करके बड़ी ही आसानी के साथ पढ़ सकते है।

पौराणिक किताबो का संग्रह है इसमे। ओल्ड किताबे पढ़ना पसंद करते है तो ये साइट सही रहेगी। चाहे धर्म से जुड़ी हो या साहित्य से या फिर इतिहास की किताब जो भी चाहिए ये सब आपको इस साइट मे मिलेगी।

हिंदी जगत की चाहे वो कविता ,कहानी या फिर साहित्य से जुड़ी किसी भी प्रकार की स्टोरी हो इस साइट में पूरा पूरा का पूरा कलेक्शन है।

जैसे कि नाम से ही स्पष्ट है ये एजुकेशन साइट है। इसमे एसएससी से जुड़ी तमाम जानकरी मैजूद है। गवर्नमेंट एग्जामिनेशन और पेपर इससे जुड़ी जानकारी इसमे मिल सकती है।

बहोत से लोगो को उपन्यास पढ़ने का शौक रहता है। हिंदी साहित्य जगत की सारी उपन्यास का संग्रह यहा पर मिलेगा।

NCERT की किताबें कौन नही जानता। उन लोगो को ज्यादा पता होगा जो आईएएस या सिविल सर्विसेज की एग्जाम की तैयारी कर रहे हो।

आइये ई-बुक के और भी फायदे देखते है।

१) पैसे की बचत होती है ई-बुक से

अगर आप कोई हिंदी साहित्य की बुक खरीदने जाओ तो कितने की मिलेगी हो सकता है महंगी मिले या फिर मिले ही ना। कितना आसान है ना कि आप किसी साइट पर गए वहा से कोई बुक डाउनलोड की और काम हो गया। इससे पैसे की बहोत बचत होती है।

२) प्रिंटिंग एंड कॉपी पेस्ट

ई-बुक को आप अपने हिसाब से जैसे चाहे प्रिंट कर सकते है। ई-बुक का फ़ॉन्ट्स को जैसे आप चाहे खुद चेंज कर सकते है। यानी कि पूरी ई-बुक को कॉपी और किसी दूसरी जगह पेस्ट करके भी आप अपने हिसाब से सारी चीजें रख कर पढ़ सकते है।

३) ई-बुक को कस्टमाइज कर सकते है
*फ़ॉर रीडर:ईबुक को आप जब चाहे कस्टमाइज यानी कि एडिट कर सकते है और अपने हिसाब से सारी चीजें रख कर किसी फॉर्मेट में कनवर्ट कर पढ़ सकते है। उसके फ़ॉन्ट्स(fonts) को चेंज कर सकते है।

*फ़ॉर राइटर:आप को लग रहा है कि फर्स्ट टाइम कुछ छूट गया है तो उस ई-बुक को कस्टमाइज कर सकते है। और फिर से पब्लिश कर सकते है।

४) ई-बुक को सर्च कर सकते है

अगर मैं एक बुक पढ़ रहा हु कुछ समय बाद उसी टॉपिक पर जाना है तो शायद याद ना रहे। या कुछ दिन पहले किस पेज तक पढ़ रहा था या किस टॉपिक वर्ड तक पढ़ लिया था याद नही रहता। पर ई-बुक में आप सर्च कर सकते है और उस जगह पहुच सकते है जहाँ आप पहले थे।

५) पुस्तकों को रखने का टेंशन दूर

हमने पढ़ा और सुना है सफल और बुद्धिजीवी  लोग बहोत किताबे पढ़ते और ढेर सारी किताबे खरीदते भी है। किताबो के लिए उनको किताब-घर बनाना पड़ता है। ई-बुक के आने से ये परेशानी दूर हो गई है। किताबो को रखना और उनहे सर्च करना पड़ा ही आसान हो गया है। एक ई-बुक के लिए कितनी जगह लगेगी, लगभग 2.6mb अगर किताब 300पेज की है तो। पूरा का पूरा पुस्तकालय आप अपने लैपटॉप या फ़ोन या फिर किसी स्टोरेज डिवाइस में रख सकते हो। कितना आसान है ना।

६) ई-बुक 8 मिलियन पेड़ बचाते हैं

अगर रीडरस हर साल 500 मिलियन्स से अधिक ई-बुक खरीदते है तो 8 मिलियन्स वृक्ष हर साल बचा लेते है। ये जानकारी ईपब्लिशर्सवीकली.कॉम से मिली है। और ये सही भी है ई-बुक्स पाठको की संख्या बढ़ते ही जा रही है। अगर पूरी दुनिया मे ई-बुक्स ही इस्तेमाल में लाई जाएगी तो निश्चित रूप से 800मिलियन्स वृक्ष हर साल बचा पाएंगे।

७) पढ़ने के लिंक को बनाये रखे

ई-बुक पढ़ने से एक फायदा ये भी है की आप अपने पढ़े पेज या चैप्टर को syncronize कर सकते है यानी आप कही भी किसी भी डिवाइस में ओपन करे आप उसी जगह पहुच जाएंगे जहा आपने पढ़ना छोड़ा था। या पिछले पेज भी पढ़ सकते है। मान लो किंडल में कोई बुक पढ़ रहे हो और साथ ही वही ईबुक आप ने अपने iphone में ओपन किये तो आप वही पर पहुच जाओगे जहा आप किंडल में थे।

८) परिवहन सुविधा होती है

अगर अपने अमेज़न से कोई ईबुक खरीदी है तो हो सकता है कि आपको डिलेवरी चार्ज भी देना पड़ेगा। पर ईबुक के लिए अलग से कोई चार्ज नही लगेगा ना ही आपकी ईबुक को आने में एक सप्ताह का टाइम लगेगा। आप ढेर सारी ईबुक साथ रख कर कही भी घूम फिर सकते है। ईबुक आप अपने फ़ोन में या लैपटॉप में या किसी स्टोरेज डिवाइसेस में भी रख सकते है। और इसका कोई weight भी नही होगा।

९) तुरंत संतुष्टि मिलती है

अगर आप अभी किंडल से ईबुक डाउनलोड करते ह तो कुछ ही मिनटों में वो बुक आपके सामने होगी। और आप उसे पढ़ भी रहे होंगे। यही बात अगर अपने कोई बुक अमेज़न प्राइम से भी आर्डर की है तो हो सकता है कुछ 5-8 घंटे लग सकते है उस बुक को आपके पास आने में। अमेज़न-प्राइम में उसी दिन डिलेवरी करते है जिस दिन अपने आर्डर किया है।

कुछ और अन्य फायदे भी है ई-बुक के आइये देखते है।

ए) आप जहा है वहा ई-बुक अवेलेबल है।

बी) नेटकनेशन है तो कही भी ई-बुक है।

सी) बहोत ही पॉपुलर है ई-बुक।

डी) आप अपने एंड्राइड फ़ोन से पढ़ सकते है।

ई) आप अपने आईफोन से पढ़ सकते है।

फ़) आप अपने लैपटॉप(विंडो और मैक) पर भी पढ़ सकते है।

जी) रात के अंधेरे में पढ़ने के लिए नाईट-मोड ऑप्शन की हेल्प ले सकते है।

एच) ई-बुक आज के इस टेक्नोलॉजी के जमाने मे बहोत बड़ा बिज़नेस हो सकता है,

* ई-बुक लिखना भी।
* ई-बुक सेल करना भी।

आई) प्रमुख 5 प्रकार के ईबुक फॉर्मेट है:

*  .txt (प्लैन टेस्ट)
*  .azw और .azw3 (किंडल)
*  .epub (epub)
*  .मोबी (Mobipocket)
*  .पीडीएफ (पोर्टेबल डॉक्यूमेंट फॉर्मेट)

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ई-बुक के ढेरों फायदे गिना दिए पर कुछ नुकसान भी है आइये इसको समझते है।

1) फ़ाइल करप्ट :

अगर आपके डिवाइसेस में कोई वायरस आ गया तो आपकी फ़ाइल जहा अपने ई-बुक रखा है वो करप्ट हो सकती है। फ़ाइल करप्ट होने पर आपकी ई-बुक सलामत नही रहेगी।

2) नो नेट कनेक्शन:

बिना नेट कनेक्शन के आप ई-बुक डाउनलोड नही कर सकते। हालांकि ई-बुक डाउनलोड होने के बाद उसे ऑफ-लाइन भी पढ़ सकते है।

3) नो पावर:पावर नही रहने पर कुछ भी संभव नही है। अगर आपका डिवाइस चार्ज नही है तो आप उसे ओपन नही कर सकते, जिससे कि आप ई-बुक नही पढ़ पाएंगे।

4) डिवाइसेस डैमेज:डैमेज कंडीशन में डिवाइस को ऑन करना संभव नही है। जबकि आपकी सारी ई-बुक उसी डिवाइस में है तो आप उसे ना ऑन कर पाएंगे ना ही ई-बुक पढ़ पाएंगे।

5) copywrite रिस्ट्रिक्टेड:अगर अपने किसी के बुक की कॉपी की है या पहले से कोई पब्लिश ई-बुक जैसी ही बुक के कंटेंट्स लिखे है तो आप copywrite में आ सकते है। जिससे आपके ई-बुक या साइट पर claim लग सकता है। और आप उस ई-बुक को पब्लिश नही कर पाएंगे।

6) वेबसाइट प्रॉब्लम:जिस वेबसाइट में आपकी ई-बुक है या जिस वेबसाइट से आपको ई-बुक डाउनलोड करनी है वह वेबसाइट ओपन नही हो रही है। वेबसाइट में कुछ टेक्निकल प्रॉब्लम आ गई है तो आप कैसे ओपन कर सकते है।

ये आर्टिकल कैसा लगा जरूर बताये। मैं पूरी कोशिस करूँगा की आप तक सही और आसान भाषा मे सारि जानकारी पहुच जाए।प्लीज कमेंट में बताए कि आपको ये आर्टिकल कैसा लगा।

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