आज हम बात कर रहे है, 5 बुक्स की जो आपके जीवन मे बहोत ही सकारात्मक बदलाव ला सकते है, अगर आप इन 5 बुक्स को पढ़ लेते है तो।

ये 5 बुक्स मैंने कई सारी किताबे पढ़ने के बाद ये सेलेक्ट किया है।

आइये इन 5 बुक्स की summary को देखते है, सारांश को देखते है।

The Alchemist- अल्केमिस्ट पाउलो कोएल्हो – सपनों की अनूठी कहानी !
जिंदगी में खुद पर भरोसा करना और सपनों को पूरी करने की अनूठी कहानी है Alchemist- अल्केमिस्ट पाउलो कोएल्हो द्वारा लिखी गयी है!
Book : Alchemist अल्केमिस्ट
Author : पाउलो कोएल्हो (Paulo Coelho is a Brazilian novelist and songwriter.)

क्योँ पढ़े अल्केमिस्ट

* जिंदगी को इक नये नजरिये से देखना चाहते है तो !
* आप भी सपनों और उसके पुरे होने के संशय में है !
* जिंदगी की उलझनों में एकरसता या नीरसता सी लगती तो !
* अक्सर जिंदगी क्या है की तलाश में खो जाते तो !
* इक नई उम्मीद और प्रेरणास्रोत के लिये !
* दुनिया और अदृश्य शक्ति जो इसे चलाती जानने के लिये !
* प्यार, लक्ष्य, सफर क्या है ?

अल्केमिस्ट और मैं

Alchemist(अल्केमिस्ट) विश्वस्तरीय बहुचर्चित किताब है जिसने कितने ही लोगों की जिंदगी को परिवर्तित किया है ! अक्सर अपने जीवन में लक्ष्य प्रतीत नहीं होता, कभी लक्ष्य होता लेकिन उसे पाने का हौसला नहीं होता ! आखिर ये कौनसी उलझने होती जो हमे रोकती अपने सपनों को पाने से, क्या हम सक्षम है कुछ स्मरणीय करने के लिये; इन सब बातों में मैं भी उलझा; (अल्केमिस्ट) के हिंदी एवं अंग्रेजी संस्करणों को पढा ! प्रेरणा ही नहीं जिंदगी जीने का नजरिया मिला; जिंदगी में मिलने वालें कठनाइयों से अपने अंदर उठने वाले भय से कैसे पार पाये ये सीखा; इक असीम उर्जा है आशा है कुछ पाने की अल्केमिस्ट की कहानियों में ! एक भेड़ चराने वाला गड़ेरिया जिंदगी में सोचता है की इक सफर पर निकले दुनिया को देखे .. और इक दिन वो अपने बंधनों को तोड़ निकल जाता ! रास्ते में उसे मिलता अपना प्यार .. निर्जन रेगिस्तान .. साथ छुट जाता अपनी प्रेयसी से .. अनवरत चलता हुआ पिरामिड की ओर .. क्या क्या होता उसके इस जिंदगी के सफर में ..क्या मिलता उसको खजाना ! क्या मिलता उसको वापस अपना प्रेम ! पढिये अल्केमिस्ट और अपने सपनों को इक नई जिंदगी दे !

कुछ अल्केमिस्ट किताब से झलकियाँ

१) सपने देखना कभी बंद मत करना – बूढ़े बादशाह ने लड़के से कहा था !

२) “जब तुम सचमुच किसी चीज को पाना चाहते हो तो संपूर्ण सृष्टि उसकी प्राप्ति में मदद के लिए तुम्हारे लिए षड्यंत्र रचती है”

“When you really want something to happen, the whole world conspires to help you achieve it.”
― Paulo Cohelo

३) ख़ुशी पाने का राज है – विश्व की सब सुन्दरतम वस्तुओं को देखना और चम्मच वाली तेलों की बूंदों को ना भूलना !

“The secret of happiness is to see all the marvels of the world, and never to forget the drops of the oil on the spoon.”
― Paulo Coelho The Alchemist

४) “जब तुम पूरे दिल से किसी चीज को पाना चाहते हो तभी तुम उस विश्वात्मा के सबसे नजदीक होते हो। और वह शक्ति सदैव सकारात्मक होती है।”

५) कुछ भी सिखने का इक ही तरीका है वह है कर्म ! – किमयागर ने लड़के से कहा

“Everyone has his or her own ways of learning things.”
― Paulo Coelho The Alchemist

aloxpower.com

६) संयोग जैसी कोई चीज होती नहीं है !

“What is the world’s greatest lie?” the little boy asks.
The old man replies, “It’s this: that at a certain point in our lives, we lose control of what’s happening to us, and our lives become controlled by fate. That’s the world’s greatest lie.”
― Paulo Coelho

“It’s the possibility of having a dream come true that makes life interesting.”
― Paul Coelho

“Everything that happens once can never happen again. But everything that happens twice will surely happen a third time.”
― Paulo Coelho The Alchemist

“Sometimes, it’s better to leave things as they are.”
― Paulo Coelho The Alchemist

“One is loved because one is loved. No reason is needed for loving.”
― Paulo Coelho The Alchemist

तो प्यार, नियती, कर्म और सपनों की इस कहानी को आप भी पढ़े और जीवन जीने के नजरिये को बदले.


2) Next: Best book:
The 7 Habit’s of highly effective people’s,,

डॉ. स्टीफन कोवे – Stephen Covey एक अति प्रभावशाली मैनेजमेंट गुरु थे और हमेशा रहेंगे। कोवे के विचारो से हम हमेशा प्रेरित हो सकते है। उनके विचार खुबसूरत और प्रभावी होते है। 1990 में प्रकाशित कोवे की सबसे प्रसिद्ध किताब, अति प्रभावशाली लोगो की सात आदतें – 7 Habits of Highly Effective People व्यक्तिगत विकास का जरिया बन चुकी है।

इनके बताये गए सभी तत्वों का उपयोग हम हमारे जीवन में कर सकते है और यह तत्व केवल ऑफिस, मैनेजमेंट या लीडरशिप तक ही सीमित नही है। बल्कि इस किताब का मुख्य उद्देश्य असल में लोगो की सोच को बदलकर उन्हें प्रभावशाली बनाना है।

व्यक्तिगत परिवर्तन में शक्तिशाली सबक

स्टीफन आर। कोवे की किताब, द 7 हैबिट्स ऑफ हाईली इफेक्टिव पीपुल, इस सरल कारण के लिए एक सर्वश्रेष्ठ विक्रेता बनी हुई है कि यह बुक बचपन से सुनी आ रही धारणाओ को गलत साबित करती है और अनदेखी करती है और निष्पक्षता, अखंडता, ईमानदारी और मानव गरिमा के कालातीत सिद्धांतों पर ध्यान केंद्रित करती है।

अब तक लिखी गई सबसे बेहतरीन पुस्तकों में से एक, द 7 हैबिट्स ऑफ हाईली इफेक्टिव पीपल® ने 25 वर्षों से अधिक समय तक पाठकों को सशक्त और प्रेरित किया है और सभी आयु समूहों और व्यवसायों में लाखों लोगों के जीवन में परिवर्तन किया है।

लेखक कहते है कि :
एक नि: शुल्क संदेश भेजें

“प्रतिमान शक्तिशाली होते हैं क्योंकि वे लेंस बनाते हैं जिसके माध्यम से हम दुनिया को देखते हैं … यदि आप अपने जीवन में छोटे बदलाव चाहते हैं, तो अपने दृष्टिकोण पर काम करें। लेकिन यदि आप बड़े और प्राथमिक परिवर्तन चाहते हैं, तो अपने प्रतिमान पर काम करें।”

दोस्तो ये महान लेखक के महान विचार है।
****डॉ स्टीफन आर कौवे****

प्रतिमान/paradigm शक्तिशाली होते हैं क्योंकि वें दुनिया को देखने का नज़रिया बनाते हैं, माध्यम होते है।

आइये वे महान 7 हैबिट्स को जान लेते है जो आपको भी एफ्फेक्टिव इंसान बना सकते है।

आइये इसको डिटेल्स में समझते है।

आदत 1 – सक्रीय बनिए (प्रोएक्टिव बने):

किसी भी वातावरण को नियंत्रित करने की यह क्षमता है। परिस्थिति के नियंत्रण में रहने की बजाए हमें परिस्थिति को नियंत्रित करना चाहिए। स्व-निर्धारण, चुनाव और निर्णय लेने की क्षमता ही आपकी परिस्थिति और हालत को सकारात्मक रूप में परिवर्तित कर सकती है।

आदत 2 – अंत को ध्यान में रखकर शुरुवात करे:

कोवे इस आदत को व्यक्तिगत लीडरशिप की आदत कहते है, जिनमे हमारा खुद का स्वयं पर नियंत्रण होना चाहिए। हमें हमेशा अपने लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए आगे बढ़ते रहना चाहिए। ध्यान लगाने की इस आदत को विकसित कर हम व्याकुलता से बच सकते है और ज्यादा सक्रीय बन सफलता हासिल कर सकते है।

आदत 3 – प्राथमिक चीजो को महत्त्व दे:

हमें लीडरशिप और मैनेजमेंट के बीच के अंतर को समझना चाहिए। बाहरी दुनिया में लीडरशिप व्यक्तिगत दृष्टिकोण और व्यक्तिगत लीडरशिप के साथ ही शुरू होती है। हमें क्या महत्वपूर्ण है और क्या अति-आवश्यक है इस बारे में भी बात करनी चाहिए। निचे दिए गये आदेशो के अनुसार हमें कामो को प्राथमिकता देनी चाहिए:

1. जरुरी और अति आवश्यक
2. जरुरी और बहुत जरुरी नही
3. जरुरी नही और अति आवश्यक
4. जरुरी नही और बहुत जरुरी भी नही

आदत 4 – हमेशा जीत के बारे में ही सोचे:

जो बहुत जरुरी है क्योकि आपकी उपलब्धि दूसरो के साथ किये गये सहकारी संघर्षो पर निर्भर करती है। लेखक के अनुसार हमें हमेशा जीत के बारे में ही सोचना चाहिए। कभी भी हार-जीत के बारे में सोचकर लडखडाना नही चाहिए।

आदत 5 – पहले दूसरो को समझने की कोशिश करे:

यही आधुनिक दुनिया की सबसे बड़ी कहावत है। कोवे की यह आदत संचार से जुडी हुई है और यह अति प्रभावशाली और शक्तिशाली है। इस आदत को कोवे ने यह कहते हुए वर्णित किया है की, “लिखने से पहले निदान करे।” यह आदत बहुत आसान और सबसे प्रभावशाली है और साथ ही यह सकारात्मक रिश्तो को बनाए रखने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
हमेशा खुले दिमाग से लोगो की बातो को सुनना चाहिए और फिर अपने प्रभावशाली तरीको से अपने विचार को लोगो तक पहुचाने की कोशिश करे। इससे एक सकारात्मक समस्या को सुलझाने वाले वातावरण का निर्माण होंगा।

aloxpower.com

आदत 6 – ताल-मेल बैठाना:

एक ऐसा तत्व जो हमें बताता है की सम्पूर्ण हमेशा उसके छोटे-छोटे भाग से महान और बड़ा है। इसीलिए हमें हमेशा सम्पूर्ण लक्ष्य को पूरा करने की तरफ ध्यान देना चाहिए। साथ ही प्रदर्शन करते समय हमारे विचार और हमारी क्रिया के बीच ताल-मेल बैठना भी बहुत जरुरी है।

आदत 7 – कुल्हाड़ी को तेज करे:

यह आत्म नवीकरण की आदत है और इसके भीतर ही आपकी सभी दूसरी आदते समावेशित है। इन आदतों का उपयोग कर आप मानसिक और शारीरिक दोनों रूप से विकसित हो सकते हो। कोवे ने खुद को भी चार भागो में विभाजित किया है: आध्यात्म, मानसिकता, शारीरिक और सामाजिक/भावुकता, और इन सभी का समान रूप से विकास होना बहुत जरुरी है।

स्टीफन कोवे की सेवन हैबिट्स किताब में जीवन के नियमो के आसान उपयोग के बारे में बताया गया है। यह सारि आदतें समान रूप से शक्तिशाली और प्रभावशाली है, जिनका उपयोग कर हम सही रास्तो पर चल सकते है। बहुत से लोग कोवे के भाषणों और लेखो से भी प्रेरित होकर इन आदतों को अपनाने लगे है। कोवे के अनुसार यदि आप अपने जीवन में सकारात्मक बदलाव चाहते हो तो आपको अवश्य इन आदतों को अपनाना चाहिए।

इन सातो आदतों को अपनाने से पहले एक बार सेवन हैबिट्स अवश्य पढ़े और फिर इसे अपने जीवन में लागु करने या अपनाने की कोशिश करे।

3) Next Book:

The Power of your subconscious mind by Dr Joseph Murphy,,

आपके अवचेतन मन की सक्ति,,

Power of Subconscious Mind

हमारे जीवन को बेहतर बनाने के लिए यह अति आवश्यक है कि हम यह समझें कि हमारा मन कैसे कार्य करता है – How Our Mind Works, चेतन और अवचेतन मन क्या है – What is Conscious and Subconscious Mind और कैसे हम मन की शक्ति को समझकर अपने जीवन को बेहतर बना सकते है – Understanding Power of Mind.

Psychology: Mind Power

मनोविज्ञान (Psychology) में मनुष्य के मन को अलग अलग भागों में के रूप में देखते है| मुख्य रूप से मन को दो भागों – चेतन मन एंव अवचेतन मन के रूप में बाँटा गया है|

चेतन या अवचेतन मन का विभाजन कोई वास्तविक भौतिक आधार पर नहीं किया जाता बल्कि यह तो एक मनोविज्ञान की अवधारणा है या मन की अवस्थाएँ है| इस अवधारणा को समझकर हम अपने जीवन में एक बड़ा परिवर्तन ला सकते है|

Subconscious Mind

चेतन मन हमारी चेतन या सक्रिय (Active) अवस्था है, जिसमें हम सोच विचार और तर्क के आधार पर निर्णय लेते है या कोई कार्य करते है|

अवचेतन मन एक Storage Room की तरह है, जो हमारे सभी विचारों, अनुभवों, धारणाओं आदि को Store (संग्रहित) करता है| अवचेतन मन (Subconscious Mind) तर्क एंव सोच विचार के निर्णय नहीं लेता बल्कि यह हमारे पिछले अनुभवों एंव धारणाओं के आधार पर स्वचालित तरीके से कार्य करता है|

चेतन मन और अवचेतन मन को एक उदाहरण द्वारा समझा जा सकता है –

जब भी कोई व्यक्ति पहली बार साईकिल चलाना सीख रहा होता है, तो उसे साईकिल को ध्यानपूर्वक नियंत्रित करना होता है| शुरुआत में वह संतुलन नहीं बना पाता और थोड़ा डरा हुआ भी रहता है|

लेकिन कुछ दिनों बाद जब वह साईकिल चलाना सीख जाता है तो अब उसे साइकिल को नियंत्रित करने के बारे में सोचने की भी आवश्यकता नहीं होती| अब साइकिल अपने आप नियंत्रित हो जाती है और अब तो वह मित्रों के साथ बातचीत करते हुए या कोई और कार्य करते हुए भी साइकिल चला सकता है|  

ऐसा क्यों होता है ?????

Subconscious Mind – Autopilot System

शुरुआत में जब व्यक्ति पहली बार साइकिल चलाना सीख रहा होता है तो वह अपना “चेतन मन (Conscious Mind)” इस्तेमाल कर रहा होता है| लेकिन जब वह बार-बार साइकिल चलाने की प्रैक्टिस करता है, तो अब यह अनुभव उसके अवचेतन मन में संग्रहित (Store) होने शुरू जाते है और धीरे धीरे अवचेतन मन, चेतन मन की जगह ले लेता है|

हमारा अवचेतन मन एक ऑटोपायलट सिस्टम (Autopilot System) की तरह है जो अपने आप स्वचालित तरीके से कार्य करता है|

सभी स्वचालित कार्यों जैसे साँस लेना, दिल धड़कना आदि कार्य अवचेतन मन के द्वारा ही किए जाते है| हमारी आदतें एंव रोजमर्रा के सभी कार्यों में अवचेतन मन का महत्वपूर्ण योगदान होता है|

How Mind Works

अवचेतन मन एक सॉफ्टवेयर या रोबोट की तरह है,जिसकी प्रोग्रामिंग चेतन मन द्वारा की जाती है| अवचेतन मन एक रोबोट की तरह है जो स्वंय कुछ अच्छा बुरा सोच नहीं सकता, वो तो केवल पहले से की गई प्रोग्रामिंग के अनुसार स्वचालित तरीके से कार्य करता है|

हमारे हर एक विचार का हमारे अवचेतन मन पर महत्वपूर्ण प्रभाव पड़ता है या यह कह सकते है कि हम जो कुछ भी सोचते है या करते है उससे हमारे अवचेतन मन की प्रोग्रामिंग होती जाती है और फिर बाद में धीरे धीरे अवचेतन मन उस कार्य को नियंत्रित करने लगता है|

हमारी आदतों और धारणाओं का निर्माण भी ऐसे ही होता है और बाद में वह आदत स्वचालित रूप से अवचेतन मन के द्वारा नियंत्रित होती है|

How to Program our Subconscious Mind

यह हम पर निर्भर करता है कि हम अपने अवचेतन मन की प्रोग्रामिंग कैसे करते है| एक बार प्रोग्रामिंग हो जाने के बाद अवचेतन मन उसी के अनुसार कार्य करने लगता है – चाहे वह कार्य गलत हो या सही|

aloxpower.com

चेतन मन (Conscious Mind) को विचारों का चौकीदार या गेटकीपर भी कहा जा सकता है| दरअसल हमारा हर विचार एक बीज की तरह है और हमारा अवचेतन मन एक बगीचे की तरह है| हमारा चेतन मन यह निर्णय करता है कि अवचेतन मन में कौनसा बीज बौना है और कौनसा नहीं|

हम कभी कभी अनजाने में अपने अवचेतन मन की गलत प्रोग्रामिंग कर देते है – जैसे अगर मैं यह सोचता हूँ आज मैं यह लेख नहीं लिखूंगा तो यह छोटा सा विचार धीरे धीरे मेरे कार्य को कल पर टालने की आदत बन सकता है|

गहन चिंतन और मैडिटेशन के द्वारा हम अवचेतन मन की Reprogramming करके इसमें इन्स्टाल किए हुए गलत सॉफ्टवेयर को धीरे-धीरे डिलीट कर सकते है|

हमारे जीवन के एक महत्वपूर्ण भाग को “अवचेतन मन” नाम का रोबोट नियंत्रित करता है और यह रोबोट, चेतन मन द्वारा की गयी प्रोग्रामिंग से नियंत्रित होता है| इस रोबोट की प्रोग्रामिंग विचार रुपी बीज से होती है, इसलिए सफलता इस बात पर निर्भर करती है कि हम कौनसे विचार चुनते है और अपने अवचेतन मन में किस तरह के सॉफ्टवेयर इंस्टाल करते है।

4) Next Book:

The Think and Grow Rich by
Nepoliyan hill,,

Napoleon Hill Kee Motivational Book है।

पुस्तक समीक्षा (Book Review)- सोचिये और अमीरबनिये (Sochiye Aur Amir Baniye)(International Bestseller Think and Grow Rich का Hindi अनुवाद)

लेखक (Author)- नेपोलियन हिल (Napoleon Hill)

प्रकाशक (Publisher)- मंजुल पब्लिशिंग हाउस (Manjul Publishing House)



Think and Grow Rich के बारे में मैंने बहुत सुना था कि ये Book पढ़नी चाहिए। लेकिन समय की व्यस्तता व अन्य Books को पढ़ने मे व्यस्त होने के कारण इस Book को पहलें नहीं पढ़ सका।

कुछ दिनों पहलें A Brain Charger के YouTube Channel के Videos पर कुछ Viewers ने Comment कर इस बुक का Review Video Upload करने का आग्रह किया था। उसके बाद में मैंने इस Book को अच्छी तरह Study किया और ये Hindi Review Blog Post और Video बनाया। मैं उम्मीद करता हुँ कि ये Review आपको पसंद आयेगा।    

लेखक के बारे में (About the Author) –

नेपोलियन हिल (1883 – 1970) का जन्म Virginia मे हुआ। उन्होने Lecturer, Author और Business Leaders के लिए Consultant के रूप में अपना लम्बा व Successful Career पुरा किया। उन्होनें अपनें Career कि शुरुआत एक साधारण से Journalist के रूप मे कि थी। उनकें जीवन में अमूल चुक बदलाव उस समय के सबसे अमीर अमेरिकन उद्योगपती एंड्रयू कार्नेगी (Andrew Carnegie) का Interview लेते समय आया।

एंड्रयू कार्नेगी ने नेपोलियन हिल को Henry Ford, Thomas Edison, Alexander Graham Bell,John D. Rockefeller, George Eastman जैसे 500 Successful लोगों का Interview लेकर उनकी Success की Case Study लिखने को कहा, जिससेNapoleon Hill,  Success का आम फॉर्मूला बना सके।

Napoleon Hill ने 20 सालों तक इन लोगों की Success व उनके Business Empires के Secret को समझा और सफलता प्राप्त करने के 13 Steps का Formula बनाया। थिंक एंड ग्रो रिच उनके 20 वर्षो तक सफल लोगों की Case Study के कार्य The Law of Success: In Sixteen Lessons पर आधारित हैं।

पुस्तक के बारे में (About Book) –

Think and Grow Rich बुक Success के विषय पर लिखी Bestselling व सदाबहार Classic Book हैं। इसके Concepts, 80 साल पहले भी उतने ही सटीक व उपयोगी थे, जब ये पहली बार 1937 में Published हुईं, आज भी है और भविष्य में भी उतने ही उपयोगी रहेगे। क्योंकि Success के Basic हमेशा समान ही रहेगे लेकिन समय बदलने के साथ उन्हें Apply करने के तरीके व स्थान बदल जाते हैं।

यह Book केवल Money इकठ्ठी करने के बारे में नहीं हैं बल्क़ि ये बताती हैं कैसे कोई व्यक्ति हक़ीकत में कुछ भी Achieve कर सकता है यदि वह पूरे दिल से विश्वास, आस्था, लगन, सही Plan व Right Direction के साथ उसकी Burning Desire (ज्वलंत इच्छा) रखें तो।

इस बुक में सफल लोगों के जीवन का गहराई से विश्लेषण किया गया हैं कि उन्होनें उतनी Wealth कैसे हासिल की। यहाँ आप Wealth को केवल पैसे से ना तोले। स्थाई मित्रता, सुखद पारिवारिक सम्बन्ध, Business Partners के बीच सहानुभूति, समझ और आंतरिक सद्‍भाव जो मन की शांति दिलाती है सही माइनो मे असली Success व Wealth हैं।  

इस बुक में 19 वीं सदी के अन्त व 20 वीं सदी के शुरुआत के लगभग की प्रेरक कहानियाँ, उनके पीछें के सिद्धान्त और सीख दियें गये हैं। कुछ Chapters की भाषा थोड़ी कठिन हैं लेकिन आप उन्हें गहराई से समझ सकते हैं। कुछ Chapters के बीच-बीच मे कविता की पंक्तियों द्वारा लेखक ने अपनी बात की मजबूती से पुष्टि की हैं। Chapters के अन्त मे उससे सम्बन्धित Best Quotes है जो उस Chapter का सार भी हैं।

इ क के American History पर आधारित Example कहीं-कहीं उबा देते है

ये बुक अपने आप को जानने, अपनी Powers को पहचानने, अपने Brain की सफलता के लिए Programming करने के लिए हैं। इसमें Employee के पद पर आवेदन करने से लेकर अपना Business बनाने तक का विस्तार से ब्यौरा हैं कि कैसे आप अपने Dreams को पूरा करे।


aloxpower.com

ये Book परिष्कृत ज्ञान का भंडार हैं जो आपकों परिष्कृत करेगा। इस परिष्कृत ज्ञान से आप, अपने आप को Develop कर सकते हैं। ये जीवन को Transform करने के लिए Best Self-Help Book हैं, जो आपकी रचनात्मकता को ढूढने मे आपकी मदद करेगी।

ये बुक आपको सिखायेगी – चेतन-अवचेतन को समझना व इनकी Power का इस्तेमाल करना, Brain किस तरह कार्य करता हैं व कैसे इससे Best Result प्राप्त कियें जा सकते हैं। साथ ही आत्मविश्लेषण, मस्तिष्क पर नियत्रण, Positive Thoughts को बढ़ाना और Sex कि Power को कैसेTransform कर रचनात्मक तरिके से सफ़लता प्राप्त करें, भी सिखाती हैं।


निष्कर्ष (Conclusion)

ये बुक आपको Rich बनने के Shortcut न बताकर, आपकी मदद करती है Framework (ढांचा) बनाने में कि आप अपनी Thinking को Change कर, कैसे हर प्रकार से अमीर बने। इसलिए इस बुक को आप जरुर पढ़े, चाहें आपकी उम्र, स्थान, धर्म और लिंग कुछ भी हों।

5) Next Book:

**Rich Dad Poor Dad** by Rober Kiyosaki,.

प्रस्तुत हैं पुस्तक के कुछ अंश

‘‘अमीरी की चोटी पर पहुँचने के लिए आपको रिच डैड, पुअर डैड पढ़ना ही चाहिए। इससे आपको बाज़ार की और पैसे की व्यावहारिक समझ मिलेगी, जिससे आपका आर्थिक भविष्य सुधर सकता है।’’

ज़िग ज़िग्लर

‘‘अगर आपको अंदर की बात जानना हो कि किस तरह अमीर बना जाए और बने रहा जाए तो यह पुस्तक पढ़ें ! अपने बच्चों को रिश्वत दें (पैसे की भी रिश्वत, अगर इसके बिना काम न चले) ताकि वे भी इसे पढ़ें।’’

मार्क विक्टर हैन्सेन

‘‘रिच डैड, पुअर डैड पैसे पर लिखी गई कोई साधारण किताब नहीं है… यह पढ़ने में आसान है और इसके मुख्य सबक़–जैसे, अमीर बनने में एकाग्रता और हिम्मत की ज़रुरत होती है, बहुत ही आसान हैं।’’

-होनोलूलू मैग्ज़ीन

‘‘काश कि मैंने यह पुस्तक अपनी जवानी में पढ़ी होती ! या शायद इससे भी अच्छा यह होता कि यह पुस्तक मेरे माता-पिता ने पढ़ी होती ! यह तो इस तरह की पुस्तक है कि आप इसकी एक-एक कॉपी अपने हर बच्चे को देते हैं और कुछ कॉपी ख़रीदकर रख लेते हैं ताकि जब आपके नाती-पोते हों और वे 8 या 9 साल के हो जाएँ तो आप इसे उपहार में दे सकें।’’

स्यू ब्रॉन

‘‘रिच डैड, पुअर डैड अमीरी का शॉर्टकट नहीं बताती। यह सिखाती है कि आप पैसे की समझ कैसे विकसित करें, किस तरह अपनी पैसे की ज़िम्मेदारी निभाएँ और इसके बाद किस तरह अमीर बनें। अगर आप अपनी आर्थिक प्रतिभा को जगाना चाहते हैं तो इसे ज़रूर पढ़ें।’’

डॉ. एड कोकेन

‘‘काश कि मैंने यह पुस्तक बीस साल पहले पढ़ी होती!’’

लैरिसन क्लार्क, डायमंड की होम्स

‘‘जो भी आदमी भविष्य में अमीर बनना चाहता है, उसे अपनी शुरुआत रिच डैड, पुअर डैड से करना चाहिए।’’

प्रस्तावना

इसकी बहुत ज़रूरत है

क्या स्कूल बच्चों को असली ज़िंदगी के लिए तैयार करता है ? मेरे मम्मी-डैडी कहते थे, ‘‘मेहनत से पढ़ो और अच्छे नंबर लाओ क्योंकि ऐसा करोगे तो एक अच्छी तनख़्वाह वाली नौकरी मिल जाएगी।’’ उनके जीवन का लक्ष्य यही था कि मेरी बड़ी बहन और मेरी कॉलेज की शिक्षा पूरी हो जाए। उनका मानना था कि अगर कॉलेज की शिक्षा पूरी हो गई तो हम ज़िंदगी में ज़्यादा कामयाब हो सकेंगे। जब मैंने 1976 में अपना डिप्लोमा हासिल किया–मैं फ़्लोरिडा स्टेट यूनिवर्सिटी में अकाउंटिंग में आनर्स के साथ ग्रैजुएट हुई और अपनी कक्षा में काफ़ी ऊँचे स्थान पर रही–तो मेरे मम्मी-डैडी का लक्ष्य पूरा हो गया था। यह उनकी ज़िंदगी की सबसे बड़ी उपलब्धि थी। ‘मास्टर प्लान’ के हिसाब से, मुझे एक ‘बिग 8’ अकाउन्टिंग फ़र्म में नौकरी भी मिल गई। अब मुझे उम्मीद थी एक लंबे कैरियर और कम उम्र में रिटायरमेंट की। 

मेरे पति माइकल भी इसी रास्ते पर चले थे। हम दोनों ही बहुत मेहनती परिवारों से आए थे जो बहुत अमीर नहीं थे। माइकल ने ऑनर्स के साथ ग्रैजुएशन किया था, एक बार नहीं बल्कि दो बार–पहली बार इंजीनियर के रूप में और फिर लॉ स्कूल से। उन्हें जल्दी ही पेटेंट लॉ में विशेषज्ञता रखने वाली वॉशिंगटन, डी.सी. की एक मानी हुई लॉ फ़र्म में नौकरी मिल गई। और इस तरह उनका भविष्य भी सुनहरा लग रहा था। उनके कैरियर का नक़्शा साफ़ था और यह बात तय थी कि वे भी जल्दी रिटायर हो सकते थे। 

हालाँकि हम दोनों ही अपने कैरियर में सफल रहे, परंतु हम जो सोचते थे, हमारे साथ ठीक वैसा ही नहीं हुआ। हमने कई बार नौकरियाँ बदलीं–हालाँकि हर बार नौकरी बदलने के कारण सही थे–परंतु हमारे लिए किसी ने भी पेंशन योजना में निवेश नहीं किया। हमारे रिटायरमेंट फ़ंड हमारे ख़ुद के लगाए पैसों से ही बढ़ रहे हैं। 
हमारी शादी बहुत सफल रही है और हमारे तीन बच्चे हैं। उनमें से दो कॉलेज में हैं और तीसरा अभी हाई स्कूल में गया ही है। हमने अपने बच्चों को सबसे अच्छी शिक्षा दिलाने में बहुत सा पैसा लगाया। 

1996 में एक दिन मेरा बेटा स्कूल से घर लौटा। स्कूल से उसका मोहभंग हो गया था। वह पढ़ाई से ऊब चुका था। ‘‘मैं उन विषयों को पढ़ने में इतना ज़्यादा समय क्यों बर्बाद करूँ जो असल ज़िंदगी में मेरे कभी काम नहीं आएँगे ?’’ उसने विरोध किया। 
बिना सोचे-विचारे ही मैंने जवाब दिया, ‘‘क्योंकि अगर तुम्हारे अच्छे नंबर नहीं आए तो तुम कभी कॉलेज नहीं जा पाओगे।’’ 
‘‘चाहे मैं कॉलेज जाऊँ या न जाऊँ,’’ उसने जवाब दिया, ‘‘मैं अमीर बनकर दिखाऊँगा।’’ 

‘‘अगर तुम कॉलेज से ग्रैजुएट नहीं होओगे तो तुम्हें कोई अच्छी नौकरी नहीं मिलेगी,’’ मैंने एक माँ की तरह चिंतित और आतंकित होकर कहा।‘‘ बिना अच्छी नौकरी के तुम किस तरह अमीर बनने के सपने देख सकते हो ?’’ 
मेरे बेटे ने मुस्कराकर अपने सिर को बोरियत भरे अंदाज़ में हिलाया। हम यह चर्चा पहले भी कई बार कर चुके थे। उसने अपने सिर को झुकाया और अपनी आँखें घुमाने लगा। मेरी समझदारी भरी सलाह एक बार फिर उसके कानों से भीतर नहीं गई थी। 
हालाँकि वह स्मार्ट और प्रबल इच्छाशक्ति वाला युवक था, परंतु वह नम्र और शालीन भी था। 

‘‘मम्मी,’’ उसने बोलना शुरू किया और भाषण सुनने की बारी अब मेरी थी। ‘‘समय के साथ चलिए ! अपने चारों तरफ़ देखिए; सबसे अमीर लोग अपनी शिक्षा के कारण इतने अमीर नहीं बने हैं। माइकल जॉर्डन और मैडोना को देखो। यहाँ तक कि बीच में ही हार्वर्ड छोड़ देने वाले बिल गेट्स ने माइक्रोसॉफ़्ट क़ायम किया। आज वे अमेरिका के सबसे अमीर व्यक्ति हैं और अभी उनकी उम्र भी तीस से चालीस के बीच ही है। और उस बेसबॉल पिचर के बारे में तो आपने सुना ही होगा जो हर साल चालीस लाख डॉलर से ज़्यादा कमाता है जबकि उस पर ‘दिमाग़ी तौर पर कमज़ोर’ होने का लेबल लगा हुआ है। 
हम दोनों काफ़ी समय तक चुप रहे। अब मुझे यह समझ में आने लगा था कि मैं अपने बच्चे को वही सलाह दे रही थी जो मेरे माता-पिता ने मुझे दी थी। हमारे चारों तरफ़ की दुनिया बदल रही थी, परंतु हमारी सलाह नहीं बदली थी। 
अच्छी शिक्षा और अच्छे ग्रेड हासिल करना अब सफलता की गारंटी नहीं रह गए थे और हमारे बच्चों के अलावा यह बात किसी की समझ में नहीं आई थी। 

‘‘मम्मी’’, उसने आगे कहा, ‘मैं आपकी और डैडी की तरह कड़ी मेहनत नहीं करना चाहता। आपको काफ़ी पैसा मिलता है और हम एक शानदार मकान में रहते हैं जिसमें बहुत से क़ीमती सामान हैं। अगर मैं आपकी सलाह मानूँगा तो मेरा हाल भी आपकी ही तरह होगा। मुझे भी ज़्यादा मेहनत करनी पड़ेगी ताकि मैं ज़्यादा टैक्स भर सकूँ और कर्ज़ में डूब जाऊँ। वैसे भी आज की दुनिया में नौकरी की सुरक्षा बची नहीं है। मैं यह जानता हूँ कि छोटे और सही आकार की फ़र्म कैसी होती है। मैं यह भी जानता हूँ कि आज के दौर में कॉलेज के स्नातकों को कम तनख़्वाह मिलती है जबकि आपके ज़माने में उन्हें ज़्यादा तनख़्वाह मिला करती थी। डॉक्टरों को देखिए। वे अब उतना पैसा नहीं कमाते जितना पहले कभी कमाया करते थे। मैं जानता हूँ कि मैं रिटायरमेंट के लिए सामाजिक सुरक्षा या कंपनी पेंशन पर भरोसा नहीं कर सकता। अपने सवालों के मुझे नए जवाब चाहिए’’ 

वह सही था। उसे नए जवाब चाहिए थे और मुझे भी। मेरे माता-पिता की सलाह उन लोगों के लिए सही हो सकती थी जो 1945 के पहले पैदा हुए थे पर यह उन लोगों के लिए विनाशकारी साबित हो सकती थी जिन्होंने तेज़ी से बदल रही दुनिया में जन्म लिया था। अब मैं अपने बच्चों से यह सीधी सी बात नहीं कह सकती थी, ‘‘स्कूल जाओ, अच्छे ग्रेड हासिल करो और किसी सुरक्षित नौकरी की तलाश करो।’’ 
मैं जानती थी कि मुझे अपने बच्चों की शिक्षा को सही दिशा देने के लिए नए तरीक़ो की खोज करनी होगी। 

एक माँ और एक अकाउंटेंट होने के नाते मैं इस बात से परेशान थी कि स्कूल में बच्चों को धन संबंधी शिक्षा या वित्तीय शिक्षा नहीं दी जाती। हाई स्कूल ख़त्म होने से पहले ही आज के युवाओं के पास अपना क्रेडिट कार्ड होता है। यह बात अलग है कि उन्होंने कभी धन संबंधी पाठ्यक्रम में भाग नहीं लिया होता है और उन्हें यह भी नहीं पता होता है कि इसे किस तरह निवेश किया जाता है। इस बात का ज्ञान तो दूर की बात है कि क्रेडिट कार्ड पर चक्रवृद्धि ब्याज की गणना किस तरह की जाती है। इसे आसान भाषा में कहे तो उन्हें धन संबंधी शिक्षा नहीं मिलती और यह ज्ञान भी नहीं होता कि पैसा किस तरह काम करता है। इस तरह वे उस दुनिया का सामना करने के लिए कभी तैयार नहीं हो पाते जो उनका इंतज़ार कर रही है। एक ऐसी दुनिया जिसमें बचत से ज़्यादा महत्व ख़र्च को दिया जाता है। 

जब मेरा सबसे बड़ा बेटा कॉलेज के शुरुआती दिनों में अपने क्रेडिट कार्ड को लेकर कर्ज़ में डूब गया तो मैंने उसके क्रेडिट कार्ड को नष्ट करने में उसकी मदद की। साथ ही मैं ऐसी तरकीब भी खोजने लगी जिससे मेरे बच्चों में पैसे की समझ आ सके। 
पिछले साल एक दिन, मेरे पति ने मुझे अपने ऑफ़िस से फोन किया। ‘‘मेरे सामने एक सज्जन बैठे हैं और मुझे लगता है कि तुम उनसे मिलना चाहोगी।’’ उन्होंने कहा, ‘‘उनका नाम रॉबर्ट कियोसाकी है। वे एक व्यवसायी और निवेशक हैं तथा वे एक शैक्षणिक उत्पाद का पेटेंट करवाना चाहते हैं। मुझे लगता है कि तुम इसी चीज़ की तलाश कर रही थीं।’’

मेरे पति माइक रॉबर्ट कियोसाकी द्वारा बनाए जा रहे नए शैक्षणिक उत्पाद कैशफ़्लो से इतने प्रभावित थे कि उन्होंने इसके परीक्षण में हमें बुलवा लिया। यह एक शैक्षणिक खेल था, इसलिए मैंने स्थानीय विश्वविद्यालय में पढ़ रही अपनी 19 वर्षीय बेटी से भी पूछा कि क्या वह मेरे साथ चलेगी और वह तैयार हो गई। 
इस खेल में हम लगभग पंद्रह लोग थे, जो तीन समूहों मे विभाजित थे। 

माइक सही थे। मैं इसी तरह के शैक्षणिक उत्पाद की खोज कर रही थी। यह किसी रंगीन मोनोपॉली बोर्ड की तरह लग रहा था जिसके बीच में एक बड़ा सा चूहा था। परंतु मोनोपॉली से यह इस तरह अलग था कि इसमें दो रास्ते थे: एक अंदर और दूसरा बाहर। खेल का लक्ष्य था अंदर वाले रास्ते से बाहर निकलना–जिसे रॉबर्ट ‘चूहा दौड़’ कहते थे–और बाहरी रास्ते पर पहुँचना, या ‘तेज़ रास्ते’ पर जाना। रॉबर्ट के मुताबिक तेज़ रास्ता हमें यह बताता है कि असल ज़िंदगी में अमीर लोग किस तरह पैसे का खेल खेलते हैं। 

aloxpower.com

रॉबर्ट ने हमें ‘चूहा दौड़’ के बारे में बताया : 
‘‘अगर आप किसी भी औसत रूप से शिक्षित, कड़ी मेहनत करने वाले आदमी की ज़िंदगी को देखें, तो उसमें आपको एक-सा ही सफ़र दिखेगा। बच्चा पैदा होता है। स्कूल जाता है। माता-पिता ख़ुश हो जाते हैं, क्योंकि बच्चे को स्कूल में अच्छे नंबर मिलते हैं और उसका दाख़िला कॉलेज में हो जाता है। बच्चा स्नातक हो जाता है और फिर योजना के अनुसार काम करता है। वह किसी आसान, सुरक्षित नौकरी या कैरियर की तलाश करता है। बच्चे को ऐसा ही काम मिल जाता है। शायद वह डॉक्टर या वकील बन जाता है। या वह सेना में भर्ती हो जाता है या फिर वह सरकारी नौकरी करने लगता है। बच्चा पैसा कमाने लगता है, उसके पास थोक में क्रेडिट कार्ड आने लगते हैं और अगर अब तक उसने ख़रीददारी करना शुरू नहीं किया है तो अब जमकर ख़रीददारी शुरू हो जाती है। 

‘‘ख़र्च करने के लिए पैसे पास में होते हैं तो वह उन जगहों पर जाता है जहाँ उसकी उम्र के ज़्यादातर नौजवान जाते हैं–लोगों से मिलते हैं, डेटिंग करते हैं और कभी-कभार शादी भी कर लेते हैं। अब ज़िंदगी में मज़ा आ जाता है, क्योंकि आजकल पुरुष और महिलाएँ दोनों नौकरी करते हैं। दो तनख़्वाहें बहुत सुखद लगती हैं। 
पति-पत्नी दोनों को लगता है कि उनकी ज़िंदगी सफल हो गई है। उन्हें अपना भविष्य सुनहरा नज़र आता है। अब वे घर, कार, टेलीविज़न ख़रीदने का फै़सला करते हैं, छुट्टियाँ मनाने कहीं चले जाते हैं और फिर उनके बच्चे हो जाते हैं। बच्चों के साथ उनके ख़र्चे भी बढ़ जाते हैं। ख़ुशहाल पति-पत्नी सोचते हैं कि ज़्यादा पैसा कमाने के लिए अब उन्हें ज़्यादा मेहनत करना चाहिए। उनका कैरियर अब उनके लिए पहले से ज़्यादा मायने रखता है। 

अंत मे ,
दोस्तो आप ज्यादा से ज्यादा बुक्स पढ़े और महान विचारो को अपने जीवन मे लाये।
आप पढ़ते रहे सीखते रहे। मेरी सुभकामना आपके साथ है आप अपने जीवन मे सफल बने, चैंपियन बने।

आपको मेरा काम कैसे लगता है,सुजाव जरूर दे। आपके सुजाव मेरे लिए महत्वपूर्ण रहते है।
by A.Anand💐


Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *